एक घंटा पहले
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प्रधानमंत्री मोदी और PM सुनक की मुलाकात 2022 में इंडोनेशिया में हुई G20 बैठक में हुई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर ऋषि सुनक ने शुक्रवार दोपहर फोन पर बात की। इस दौरान इजराइल-हमास जंग और भारत-ब्रिटेन के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी ब्रिटेन PMO ने आज दी।
ब्रिटेन PMO के स्पोक्स पर्सन ने कहा- दोनों लीडर्स ने इजराइल पर हुए हमास के हमले की निंदा करते हुए जंग खत्म करवाने पर चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया की हमास फिलिस्तीन के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता।
स्पोक्स पर्सन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुनक का कहना है कि गाजा में लोगों की जान बचाना प्रथमिकता है। वहां मदद पहुंचती रहे इसका ध्यान भी हमारी जिम्मेदारी है।

हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमला किया था। तब से इजराइल और हमास की बीच जंग जारी है। इसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत-ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फिलहाल अटका है
PM सुनक ने प्रधानमंत्री मोदी से FTA पर भी बात की। दोनों ने इस बात पर सहमति जताई की इस एग्रीमेंट से दोनों देशों को फायदा होना चाहिए।
दरअसल, भारत-ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर डील स्कॉच, कार और वीसा जैसे मुद्दों पर असहमति के कारण अटकी हुई है। भारत स्कॉच और कारों पर टैक्स में कमी करने को तैयार नहीं जबकि ब्रिटेन भारतीय प्रोफेशनल्स को अधिक वीसा देने को तैयार नहीं है।
भारत इस पर अड़ा है कि ब्रिटेन में निवेश करने वाली भारतीय फर्म के 10 हजार प्रोफेशनल्स को वीसा दिए जाएं। ब्रिटेन का कहना है कि वीसा नियम सबके लिए समान हैं, भारत को विशेष दर्जा नहीं दे सकते।

बोरिस जॉनसन ने रखी थी FTA की नींव
पिछले साल ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति जताई थी। हालांकि, भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की नींव पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपनी भारत यात्रा के दौरान रखी थी। उनके बाद लिज ट्रस ने भी इस प्रस्तावित ट्रेड डील का समर्थन करते हुए इसे आगे बढ़ाने पर जोर दिया था।

क्या है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट?
भारत और ब्रिटेन के बीच दोतरफा व्यापार 4 लाख करोड़ रुपए का है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी। ब्रिटेन ने 2004 में भारत के साथ एक रणनीतिक साझेदारी शुरू की थी। वह आतंकवाद, परमाणु गतिविधियों और नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारत के साथ है।

























