{“_id”:”6904b1ee25665a934708a663″,”slug”:”despite-losing-both-his-hands-in-an-accident-mahendra-singh-continues-to-perform-his-duties-with-gusto-2025-10-31″,”type”:”video”,”status”:”publish”,”title_hn”:”हादसे में दोनों हाथ गंवाने के बावजूद महेंद्र सिंह बखूबी निभाते हैं अपनी जिम्मेदारी”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

अगर आप चंडीगढ़ में रहते हैं या कभी सुखना झील जैसी यहां की मशहूर जगहों पर गए हैं, तो आपने एक मध्यम आयु वर्ग के व्यक्ति को सड़कों पर बिखरे कूड़े को उठाकर कूड़ेदान में डालते हुए देखा होगा। इनका नाम महेंद्र सिंह हैं। इन्होंने 20 साल की उम्र में चारा मशीन से हुए एक हादसे में अपने दोनों हाथ खो दिए थे। 30 साल बीत चुके हैं। जगह-जगह नौकरी के लिए भटकने और साल दर साल मशक्कत करने के बाद महेंद्र 1990 से सिटी ब्यूटीफुल के नगर निगम के साथ काम कर रहे हैं। महेंद्र सिंह कहा कहना है कि ये जज्बा अंदर से ही आता है। मेरा जो है न मैं धरती से जुड़ा हूं, अपना जो कर्म है, कर्म करता हूं और कर्म ही प्रधान है, कर्म से ही जाति-पाती है, मेरा जो मानना है।





























