चंडीगढ़। तीन साल पहले जीरकपुर-ढकोली मार्ग पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मुन्ना मिश्रा (36) के परिवार के पक्ष में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने बड़ा फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने परिजनों को 73.72 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह हादसा 7 अक्तूबर 2022 को हुआ था। पेशे से पीओपी और पेंटिंग कांट्रेक्टर पंचकूला निवासी मुन्ना मिश्रा अपने मित्र राहुल के साथ स्कूटर पर जीरकपुर से ढकोली की ओर जा रहे थे। जब वे बलटाना ट्रैफिक लाइट के पास पहुंचे, तो पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मुन्ना और उनका स्कूटर ट्रक के नीचे आ गए और चालक उन्हें कुछ दूरी तक घसीटता हुआ ले गया। गंभीर रूप से घायल मुन्ना को पहले जनरल अस्पताल सेक्टर-6, पंचकूला और फिर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां 20 दिन इलाज के बाद 27 अक्तूबर 2022 को उनकी मौत हो गई।
परिवार की दलील और ट्रिब्यूनल का फैसला
मुन्ना मिश्रा के परिजनों ने ट्रक चालक, मालिक और इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ याचिका दायर कर मुआवजे की मांग की थी। उन्होंने बताया कि मुन्ना की मासिक आय लगभग 50,000 थी और पूरा परिवार उन्हीं पर निर्भर था। वहीं, ट्रक चालक, मालिक और बीमा कंपनी ने याचिका को खारिज करने की मांग की लेकिन सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने चालक की लापरवाही साबित मानते हुए परिवार को 73.72 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
मुन्ना मिश्रा के परिजनों ने ट्रक चालक, मालिक और इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ याचिका दायर कर मुआवजे की मांग की थी। उन्होंने बताया कि मुन्ना की मासिक आय लगभग 50,000 थी और पूरा परिवार उन्हीं पर निर्भर था। वहीं, ट्रक चालक, मालिक और बीमा कंपनी ने याचिका को खारिज करने की मांग की लेकिन सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने चालक की लापरवाही साबित मानते हुए परिवार को 73.72 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।


























